03-01-2017

एक बिगड़ा हुआ पुत्र अपने पिता से नाराज होकर पिता से मिलना जुलना भी छोड़ देता है फिर नाना प्रकार के दुख पाता है।
किंतु जब दयालु पिता को अपने नासमझ पुत्र की दुखमय स्थिति मालूम पड़ती है तो वह अपने निश्चल प्रेम के अतिरेक के कारण पुत्र को वापस घर में लाने के लिए तुरंत निकल पड़ते हैं।
भगवान श्री जगन्नाथ परम पिता है अपने सभी पुत्रों को फिर से आकर्षित कर अपने प्रेम के बंधन में बांधकर वैकुंठ लोकोँ के दिव्य आनंद को प्रदान करने के लिए एवं सभी दुखों का निवारण करने के लिए 8 जनवरी रविवार को दिव्य रथ पर आरूढ़ होकर कुकटपल्ली हैदराबाद क्षेत्र में निकलेंगे आप सभी भक्त बंधुओं से निवेदन है कि भगवान श्री जगन्नाथ की इस पवित्र रथयात्रा में अवश्य भाग लें

 

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